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गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड में 11 लोगों को आजीवन कारावास की सजा।

  • Writer:  Bureau ApnaSamachar
    Bureau ApnaSamachar
  • Apr 28
  • 2 min read

झालावाड़ :- राजस्थान के झालावाड़ एडीजे कोर्ट ने आज कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड के 11 आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई और एक आरोपी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।

मामले में पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 94 दस्तावेज और 44 गवाह पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर एडीजे कोर्ट ने अब्दुल बंटी और वसीम राजा सहित कुल 11 आरोपियों को उम्रकैद तथा कोटा के सुखेत निवासी शफीक को 7 साल की सजा सुनाई है।

यह घटना 2 जून 2022 की रात की है।

मछली ठेकेदारी को लेकर विवाद के बाद मुख्तार मलिक और आरोपी अब्दुल बंटी के बीच फोन पर कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को धमकी दी थी।

मुख्तार अपने साथियों के साथ मोटर बोट से कांसखेड़ली गांव के पास भीमसागर बांध के भराव क्षेत्र में पहुंचा। जहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसकी बोट पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जाता है कि दोनों तरफ से कई राउंड फायर हुए। हमले में मुख्तार मलिक, उसके साथी कमल और सहयोगी विक्की वाहिद लापता हो गए थे। हालांकि अगले दिन पुलिस को कमल का शव पानी में मिला। जबकि विक्की वाहिद भागकर भोपाल पहुंच गया था। वहीं दो दिन बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को जंगलों में गंभीर हालत में मुख्तार मलिक मिला था। जिसे एसआरजी अस्पताल लाया गया लेकिन इलाज के दौरान मुख्तार की उसने दम तोड़ दिया था।

मुख्तार के खिलाफ भोपाल, रायसेन सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों में करीब 60 आपराधिक मामले दर्ज थे। हाल के वर्षों में वह प्रॉपर्टी कारोबार और ठेकों में सक्रिय हो गया था। मुख्तार पहली बार 1996-97 में चर्चा में आया था। जब उसके गुर्गों ने भोपाल के शाहजहानाबाद जिला न्यायालय में खुलेआम फायरिंग की थी। यह घटना मुन्ना पेंटर के साथ वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा था। जिसमें 25 से अधिक राउंड फायरिंग हुई और दो लोगों की मौत हो गई।

 
 
 

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