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अमेरीका का 220 मिलियन डॉलर का MQ 4C Triton ड्रोन गायब, पेंटागन से लेकर स्टाकहोम तक सब चुप।

  • Writer:  Bureau ApnaSamachar
    Bureau ApnaSamachar
  • Feb 28
  • 1 min read

ड्रोन ने इमरजेंसी कोड 7700 पर आपात संदेश भेजा और गायब हो गया।


न कोई हमला, न कोई निशानी। कहां गया, पता नहीं।


पेंटागन से लेकर अमेरिकी सेंटकॉम तक, सब चुप। प्रेस को कोई खबर नहीं।


ट्राइटन के फ्लाइटरडार24 से गायब होने के सारे सबूत मौजूद। लेकिन गया कहां इसका कोई खबर नहीं?


इससे पहले जून 2019 में भी ईरान ने उसी जगह से एक अमेरिकी RQ 4A ग्लोबल हॉक को मार गिराया था।


ईरान–अमेरिका में जंग होते होते बची। ट्रंप ने ऐन वक्त पर फाइटर्स को वापस बुलवाया।


लेकिन इस बार तो ट्राइटन का कोई नामो–निशान तक नहीं।


डिफेंस–UA का दावा है कि या तो ईरान ने ट्राइटन को जाम कर दरिया में डुबो दिया है, या फिर उसका नेविगेशन बदलकर अपने यहां उतार लिया है।


जैसा कि 2011 में उसने RQ 170 ड्रोन के साथ किया था।


ख़ुफ़िया रिपोर्ट्स कहती हैं कि अब चीनी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर तकनीक से ईरान F 35 के साथ भी यही करेगा।


सोचिए कि दुश्मन के रडार को जाम करने वाला F 22 अगर रास्ता भटक जाए, या बमों से लदा B 22 का जीपीएस और रडार जाम हो जाए।


हम सब इलेक्ट्रो मैग्नेटिक स्पेक्ट्रम के उस बुलबुले में बैठे हैं, जिससे संचार होता है। इन्हें जाम या भटकाया जा सकता है।


भारत के पास ऐसी कोई तकनीक नहीं। कुछ है तो दूसरों पर निर्भरता या काल्पनिक, मिथकीय कहानियों पर यकीन।


हमने धर्म को अपनाया, विज्ञान और शिक्षा को नहीं। हमारी यूनिवर्सिटीज गलगोटिया जैसी हैं। हमारे युवा रील बनाकर कमा रहे हैं। सौमित्र रॉय की कलम से।



 
 
 

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